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  Jharkhand Board Class 8 Geography Notes | संसाधन  

   JAC Board Solution For Class 8TH (Social Science) Geography Chapter 1


प्रश्न 1. सही उत्तर चिह्नित (✓) कीजिए―
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा मानव निर्मित संसाधन है ?
(क) कैंसर उपचार की औषधियाँ
(ख) झरने का जल
(ग) उष्णकटिबंधीय वन

(ii) जैव संसाधन होते हैं―
(क) जीव-जन्तुओं से व्युत्पन्न
(ख) मनुष्यों द्वारा निर्मित
(ग) निर्जीव वस्तुओं से व्युत्पन्न
उत्तर―(i) - (क), (ii) - (क)

प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए―
(क) संसाधन किसे कहते हैं?
उत्तर―मानव अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिन वस्तुओं
और सेवाओं का उपयोग करता है, उसे संसाधन कहते हैं।

(ख) संसाधन के मुख्य कितने प्रकार होते हैं ? संक्षेप में बताइए।
उत्तर―संसाधन के तीन मुख्य प्रकार हैं-
(i) प्राकृतिक संसाधन― प्रकृति प्रदत्त सभी वस्तुएँ मानव जिनका
उपयोग करता है, प्राकृतिक संसाधन कहलाती हैं। जैसे-मृदा, वन, जल
आदि।

(ii) मानव निर्मित संसाधन― प्राकृतिक वस्तुओं के स्वरूप को बदल
कर अन्य वस्तुओं के उत्पादन में जिसका उपयोग किया जाता है, उसे
मानव निर्मित संसाधन कहते हैं। जैसे-मशीनें, प्रौद्योगिकी आदि।

(iii) मानव संसाधन― मानव अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए
प्राकृतिक संसाधन को उपयोगी बनाता है। इसके लिए मानव की शारीरिक
और मानसिक क्षमता की जरूरत होती है। अर्थात् मानव, मानव के श्रम
और बुद्धि, का उपयोग करता है। अत: मानव एक महत्वपूर्ण संसाधन है।

(ग) संसाधन संरक्षण महत्वपूर्ण क्यों है ?
उत्तर― अधिकांश संसाधन मानवीकरणीय, क्षयशील और सीमित हैं।
निरंतर और अत्यधिक विदोहन के कारण वे निकट भविष्य में ही समाप्त
हो जायेंगे। बढ़ती माँग को पूरा करना असंभव हो जायेगा। अत: इनका
संरक्षण अत्यावश्यक और अत्यंत महत्वपूर्ण है।

(घ) सततपोषणीय विकास क्या है ? इसके सिद्धांत को लिखिए।
उत्तर― वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य या
भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पर्यावरण को
नुकसान पहुँचाए बिना वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए
संसाधनों का विदोहन और संरक्षण सतत् पोषणीय विकास कहलाता है।

इसके कुछ सिद्धांत निम्न हैं―
(i) जीवन के सभी रूपों का आदर और देखभाल करना।
(ii) मानव जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना।
(iii) पृथ्वी की जैव-विविधता का संरक्षण करना।
(iv) समुदायों को अपने पर्यावरण की देखभाल करने लायक बनाना
और जागरूक करना।

(ङ) “मानव एक संसाधन है।" कैसे ?
उत्तर―प्राकृति संसाधनों का विदोहन और उपयोग भौतिक श्रम और
तकनीकी कौशल पर ही निर्भर करता है। इस प्रकार मानव अपनी
आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मानव (उसके शारीरिक व मानसिक
बल) का ही उपयोग करता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि मानव एक
महत्वूपर्ण संसाधन है।

प्रश्न 3. निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए―
(i) संभाव्य और वास्तविक संसाधन
उत्तर―संभाव्य और वास्तविक संसाधन में निम्नलिखित अंतर है―
संभाव्य संसाधन―
(a) इसकी सम्पूर्ण मात्रा ज्ञात नहीं रहती है।

(b) इसका उपयोग भविष्य में किया जायेगा।
जैसे―लद्दाख का यूरेनियम. सौर ऊर्जा आदि।

वास्तविक संसाधन―
(a) इसकी सम्पूर्ण माना ज्ञात रहती है।

(b) इसका उपयोग वर्तमान में किया जा रहा है।
जैसे―खनिज वन आदि।

(ii) सर्वव्यापी और स्थानिक संसाधन
उत्तर―सर्वव्यापी और स्थानिक संसाधन में निम्नलिखित अंतर हैं―
सर्वव्यापी संसाधन―
(a) वैसे संसाधन जो सभी जगह प्राप्त होते हैं, सर्वव्यापी संसा
कहलाते हैं।

(b) यह संसाधन हर क्षेत्र के विकास में एक समान योगदान करते
हैं।

(c) इसकी उपयोगिता मूल्य कम होता है।
जैसे―हवा, सूर्य प्रकाश।

स्थानिक संसाधन―
(a) वैसे संसाधन जो किसी विशेष क्षेत्र या स्थान पर ही मिलते हैं,
स्थानिक संसाधन कहलाते हैं।

(b) यह संसाधन केवल प्राप्ति क्षेत्र के विकास में ही योगदान देता है।

(c) इसका उपयोगिता मूल्य अधिक होता है।
जैसे―लोहा, वन।

(iii) नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधन
उत्तर―नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधन में निम्नलिखित
अंतर है―
नवीकरणीय संसाधन―
(a) वैसे संसाधन जो एक निरिचित व अल्प समय में प्रकृति द्वारा
पुनः निर्मित होते हैं, नवीकरणीय संसाधन कहलाते हैं।

(b) ये पुनः चक्रण विधि से बनते रहते हैं। अतः नष्ट या समाप्त नहीं
होते हैं।
जैसे―पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, जल, सौर-ऊर्जा आदि नवीकरणीय
संसाधन है।

अनवीकरणीय संसाधन―
(a) वैसे संसाधन जो एक निश्चित व अल्प समय में प्रकृति द्वारा पुनः
निर्मित नहीं होते हैं। अनवीकरणीय संसाधन कहलाते हैं।

(b) ये उपयोग के बाद नष्ट या समाप्त हो जाते हैं। कुछ पुनरुपयोग
संभव है।
जैसे―खनिज, मृदा, भूमि आदि अनवीकरणीय संसाधन है।

(iv) जैव और अजैव संसाधन
उत्तर― जैव और अजैव संसाधन में निम्नलिखित अंतर है―
जैव संसाधन–
(a) जैव घटक से प्राप्त करने वाली वस्तुओं को जैव संसाधन कहते
हैं।
(b) यह नवीकरणीय संसाधन हैं।
पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आदि इसके उदाहरण हैं।

अजैव संसाधन–
(a) निर्जीव घटक से प्राप्त होने वाली वस्तुओं को अजैव संसाधन
कहते हैं।

(b) यह अनवीकरणीय संसाधन हैं।
खनिज पदार्थ, सूर्य प्रकाश, मृदा आदि इसके उदाहरण हैं।

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