Jharkhand Board Class 7TH Civics Notes | लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का आधार

    Jharkhand Board Class 7TH Civics Notes | लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का आधार  

  JAC Board Solution For Class 7TH (Social Science) Civics Chapter 2


□ आइए जानें―
1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(i) .............. वर्ष की उम्र का प्रत्येक भारतीय वोट डालने का
अधिकारी है।
(ii) लोकसभा के लिए प्रत्येक ............ वर्ष में चुनाव होते हैं।
(iii) चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन ..............करता है।
(iv) कांग्रेस की स्थापना ............... ई० में हुई।
(v) भारतीय जनता पार्टी एक ................. पार्टी है।
(vi) झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ................. में राज्यस्तरीय पार्टी है।
उत्तर― (i) 18 (ii) पाँच (iii) निर्वाचन आयोग (iv) 1885
(v) राष्ट्रीय (vi) झारखण्ड

2. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) वयस्क मताधिकार से आप क्या समझते हैं?
उत्तर― वयस्क मताधिकार के द्वारा प्रतिनिधियों का चुनाव होता है।
लोकसभा, विधानसभा तथा स्थानीय स्तर के लिए सामान्यतः प्रत्येक 5 वर्ष
में चुनाव होते हैं। मताधिकार प्राप्त प्रत्येक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची
में दर्ज होता है जो उस मतदान केन्द्र के क्षेत्र में रहते हैं।

(ii) निर्वाचन आयोग के किन्हीं चार कार्यों को लिखें।
उत्तर― निर्वाचन आयोग के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
(i) चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन।
(ii) मतदाता सूची तैयार करना
(iii) चुनाव आचार संहिता
(iv) राजनीतिक दल

(iii) भारत में इस समय राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा किन दलों को
प्राप्त है?
उत्तर― भारत में इस समय निम्न 7 पार्टियों को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
प्राप्त है:
1. भारतीय जनता पार्टी (BJP)
2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)
3. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M)
4. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)
5. बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP)
6. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)
7.अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC)

(iv) झारखण्ड में राज्यस्तरीय पार्टियाँ कौन-कौन हैं?
उत्तर― झारखण्ड में राज्यस्तरीय पार्टियाँ :
(i) ऑल झारखण्ड स्टूडेन्ट्स यूनियन (AJSU)
(ii) झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (JMM)
(iii) झारखण्ड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक (JVM-P)
(iv) राष्ट्रीय जनता दल (RJD)

(v) किसी भी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय दल होने के लिए
आवश्यक किन्हीं दो शर्तों को लिखिए।
उत्तर― राजनीतिक दल को राष्ट्रीय दल होने के लिए आवश्यक दो
शर्ते हैं―
(i) लोकसभा द्वारा लोकसभा की कुल सीटें की 2% सीटें कम-से-कम
तीन विभिन्न राज्यों से हासिल की गई है।
(ii) यदि कोई पार्टी कम-से-कम 4 राज्यों में राज्यस्तरीय पार्टी के रूप
में मान्यता प्राप्त कर ले।

□ आइए चर्चा करें―
3. लोकतंत्र में सशक्त विपक्ष का होना अति आवश्यक है। इस
कथन के पक्ष या विपक्ष में तर्क दीजिए।
उत्तर― लोकतंत्रीय शासन व्यवस्था में समाज के सभी लोगों का
प्रतिनिधित्व होता है। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार राजनीतिक दल तथा
बहुमत इसके प्रमुख आधार हैं। जहाँ एक ओर सार्वभौमिक व्यस्क
मताधिकार के द्वारा वर्ग-भेद, लिंग-भेद को खत्म कर राजनीतिक समानता
लाने का प्रयास किया जाता है, वहीं दूसरी ओर उत्तरदायी राजनीतिक दलों
के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व को प्राप्त
करने का लक्ष्य रखा गया है। निष्पक्ष निर्वाचन के बाद गठित सरकार से
अपेक्षा की जाती है कि वह जनहित के कार्यों में विशेष रूचि लेगी।

4. भारत में बहुदलीय व्यवस्था को अपनाया गया है। क्या आपको
इस व्यवस्था की कोई कमी नजर आती है ? अपने उत्तर के पक्ष
में कोई तीन तर्क दीजिए।
उत्तर― भारत एक बहुदलीय व्यवस्था वाला देश है। कुछ दलों को
राष्ट्रीय दल तथा कुछ अन्य को राज्यस्तरीय दल के रूप में मान्यता दी गई
है। इनमें बहुत सी खामियाँ हैं―
(i) बहुदलीय व्यवस्था होने के कारण बहुत-सी दलों के होने से
निर्वाचन आयोग को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है।
(ii) क्षेत्रीय दलों का ज्यादा विस्तार होने से बहुत सारी दिक्कतें पैदा
होती हैं।
(iii) आर्थिक-सामाजिक कृतियों पर अच्छे प्रभाव का न होना देश
के लिए घातक साबित हुआ है।

5. निर्वाचन आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराना है। यहाँ
निष्पक्ष चुनाव से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर― वयस्क मताधिकार के द्वारा जनता अपना प्रतिनिधि चुनती है।
लोकसभा, विधानसभा तथा स्थानीय स्तर के लिए सामान्यतः प्रत्येक 5
वर्ष में चुनाव आते हैं। लोकसभा तथा विधान सभाओं के लिए
कभी-कभी 5 वर्ष के पूर्व भी चुनाव होते हैं। चुनाव कराने को जिम्मेदारो
निर्वाचन आयोग को सौंपी गयी है। स्थानीय स्तर के चुनाव राज्य निर्वाचन
आयोग द्वारा कराये जाते हैं। चुनाव से संबंधित समस्त व्यवस्था करना
निर्वाचन आयोग का कार्य है।

                                    निर्वाचन आयोग के कार्य

निर्वाचन आयोग के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं―
(i) चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन।
(ii) मतदाता सूची तैयार करना।
(iii) विभिन्न राजनीतिक दलों को मान्यता प्रदान करना।
(iv) राजनीतिक दलों को आरक्षित चुनाव चिन्ह प्रदान करना।
(v) मतदान में संबंधित तिथियों का निर्धारण करना।
(vi) चुनाव आचार संहिता लागू करना।

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