ऐतिहासिक स्त्रोत

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ऐतिहासिक स्त्रोत

झारखंड के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए पुरातात्विक एवं साहित्यिक दोनों प्रकार के स्रोत उपलब्ध हैं। झारखंड की जनसंख्या में विश्व की सभी प्रमुख मानव प्रजातियाँ यथा - नीग्रॉयड, मंगोलॉयड, कॉकेसायड, प्रोटो- ऑस्ट्रेलॉयड के शारीरिक लक्षण पाए गए हैं, तथापि जनजातीय जनसंख्या में प्रोटो- ऑस्ट्रेलॉयड की प्रधानता है। चूंकि झारखंड जनजातियों एवं उनकी संस्कृति के उद्भव एवं विकास का क्रीड़ा स्थल रहा है, इसलिए झारखंड के इतिहास को जानने-समझने के लिए पुरातात्विक एवं साहित्यिक स्रोतों के साथ-साथ जनजातियों की पारम्परिक वंशावलियाँ, लोककथाएँ एवं अनुश्रुतियाँ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रकार प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोत दोनों असंख्य मात्रा में उपलब्ध हैं।

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